अतः यह भाव वाणी का भी हो जाता है I वाणी की गुणवत्ता का निरिक्षण भी इसी भाव द्वारा करना चाहिए I यदि यह भाव अच्छा हो तो व्यक्ति की वाणी सम्मोहक और आकर्षित करने वाली होती है I वही यदि यह भाव पीड़ित होता है तो व्यक्ति को बोलने का ढंग नहीं होता
Astrology was therefore divided into two main parts Ganita Jyotish (mathematical astronomy and astrology) and phalita Jyotish (predictive astrology )
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वह उसकी इच्छा की अभिव्यक्ति ही तो है l कुछ विलक्षण गुरुओं और साथियों के माध्यम से ईश्वर ने मुझ पर यह कृपा की और जब मैं इन सर्वश्रेष्ठ व्यक्तियों के प्रति अपनी शृद्धा एवं सम्मान व्यक्त करता हूँ तो मैं उसकी महिमा का ही गुणगान कर रहा होता हूँ l ये सब राकेट और मिजाईलेउसी के काम हैं जो 'कलाम' नाम के एक छोटे से व्यक्ति के माध्यम से खुदा ने कराएं हैं l इसलिए भारत के कई कोटि जनो को कभी भी छोटा या असहाय महसूस नहीं करना चाहिए l हम सब अपने भीतर दैवीय शक्ति को लेकर जन्मे हैं l हम सबके भीतर ईश्वर का तेज़ छिपा है l हमारी कोशिश इस तेज़ पुंज को पंख देने की रहनी चाहिए
‘Of course I want a raise
Vya Bhav ki Gatha [Hindi] 9788170822080 अतः यह भाव वाणी काAuthor RP Birthare , , , I , , , , I