* अंतर्दशा गणना हेतु परमायु वर्षो के महत्व को नहीं बताया गया है l
Practical techniques for interpreting the impact of Bhavas on various life events
कोई बता सकता है कि मैं कौन हू
जन्मकुंडली के आधार पर 'केरियर ' के लिए 'सूटेबल ' क्षेत्रो का चयन करने की कई पद्धतियाँ ज्योतिष शास्त्र में उपलब्ध है
मंदिर आदि अनेक उपयोगी विषयो का समावेश होने से आचार्य वराह की इस बृहत् संहिता का पुरे विश्व में कोई सानी ग्रन्थ नहीं है i इसका एक - एक अध्याय एक- एक ग्रन्थ की बराबरी करता है l लेखक सुरेश चंद्र मिश्रा
Nakshatra Vichar [Hindi] 9788187077947 * अंतर्दशा गणना हेतु परमायुBy Prash Trivedi .. .. l l l l l ' ' l , , , , , , , , , ,, , , , ,, , , , , , l l